प्रकाश (Light)
प्रकाश एक प्रकार की ऊर्जा है जब विद्युत चुम्बकीय तरंगों के रूप में संचालित होती है इसका ज्ञान हमें आंखों द्वारा प्राप्त होता है प्रकाश से विद्युत चुम्बकीय तरंगे सिद्धान्त प्रकाश के केवल कुछ गुणों की व्याख्या कर पाता है जैसे प्रकाश का परावर्तन प्रकाश का अपवर्तन प्रकाश का सीधी रेखा में गमन प्रकाश कर विवर्तन प्रकाश का व्यक्तिकरण एवं प्रकाश का ध्रुवण। विद्युत चुम्बकीय तरंगें अनुप्रस्थ होती है अतः प्रकाश भी अनुपस्थित रंग है प्रकाश के कुछ गुण ऐसे हैं जिनकी व्याख्या तरंग सिद्धांत नहीं कर पाता है जिसे प्रकाश विद्युत प्रभाव तथा क्रॉम्पटन सिद्धांत
प्रकाशविद्युत प्रभाव एवं क्रॉम्पटन सिद्धान्त की व्याख्या एंस्टिन द्वारा प्रतिपादित प्रकाश के फ़ोटो सिद्धांत द्वारा की जाती है वास्तव में यह दोनों प्रभाव प्रकाश की कण प्रकृति को प्रकट करते हैं।
प्रकाश का फ़ोन सिद्धान्त इसके अनुसार प्रकाश ऊर्जा के छोटे छोटे बंडलों या पैकेटों के रूप में चलता है जिन्हें फ़ोटोन कहते हैं आज प्रकाश को कुछ घटनाओं मे तरंग और कुछ में कण माना जाता है इसी को प्रकाश की दोहरी प्रकृति कहते हैं।
प्रकाश के वेग की गणना सबसे पहले रोमर ने की थी वायु तथा निर्वात में प्रकाश के 4 सबसे अधिक होती है (3*10^8 m/s)
प्रकाश की चाल माध्यम के परावर्तन पर निर्भर करता है जिस माध्यम का अपवर्तनांक जितना अधिक होता है उसने प्रकाश की चाल उतनी ही कम होती है
प्रकाश को सूर्य से पृथ्वी तक आने में औसतन 499 सेकेंड यानी 8 मिनट 19 सेकंड का समय लगता है
चन्द्रमा से परावर्तित प्रकाश को पृथ्वी तक आने में 1. 28 सेकेंड का समय लगता है प्रकाश के प्रति व्यवहार के आधार पर वस्तुओं को निम्न भागों में बांटा जा सकता है
1) प्रदीप्त वस्तुएं(Luminous bodies ) - वे वस्तुएं जो स्वयं के प्रकाश से प्रकाशित होती हैं जैसे सूर्य विद्युत बल्ब आदि
2)प्रदिप्त वस्तुएं(Nonluminous bodies ) - वे वस्तुएं जिनका अपना स्वयं का प्रकाश नहीं होता लेकिन उनपर प्रकाश जाने पर वे दिखाई देने लगती है जैसे कुर्सी मेज आदि।
3) पारदर्शक वस्तुएं (Transparent Bodies )-
वे वस्तुएं जिनमें से होकर प्रकाश की किरणें निकल जाती है जैसे कांच जल आदि।
4)अर्द्धपारदर्शक वस्तुएं(Translucent bodies ) -
कुछ वस्तुएं ऐसी होती हैं जिन पर प्रकाश की किरणें पड़ने से उनका कुछ भाग तो अवशोषित हो जाता है तथा कुछ भाग बाहर निकल जाता है ऐसी वस्तुएं को अर्द्धपारदर्शक उससे कहते हैं जैसे तेल लगा हुआ कागज।
5)अपरदर्शक वस्तुएं(Opaque bodies) - अपरदर्शक वस्तुएं वे वस्तुएँ होती हैं जिनमें प्रकाश होकर बाहर नहीं निकल पाता जैसे धातु।


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